07 December 2023

जिप फाइल कितने प्रकार की होती है?

जिप फाइल कितने प्रकार की होती है?

जिप फाइल कितने प्रकार की होती है?





वास्तव में जिप फाइलें एक प्रकार की कंप्रेस फाइल होती है जो एक या एक से अधिक फाइलों और फ़ोल्डरों को कंप्रेस करने का कार्य करती है। ज़िप फाइलें सामान्यतः "zip" फाइल एक्सटेंशन के साथ आती है।


जीवन बीमा बाजार के इस लेख में हम जानेगे कि ज़िप फाइल कितने प्रकार की हो सकती है। तो चलिए इस विषय की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं।





स्टैण्डर्ड ज़िप फाइलें:

इसमें एक से अधिक फ़ाइल और फ़ोल्डर हो सकते हैं और उन्हें कंप्रेस करने के लिए एक या एक से अधिक ज़िप एल्गोरिदम का उपयोग होता है।


सिक्योर ज़िप फाइलें:

जब महत्वपूर्ण डाटा अथवा फाइलों को स्टोर करके रखने की बात आती है तब उसे ज़िप की सहायता से कंप्रेस करके रखा जा सकता है। ऐसी ज़िप फाइलों को पासवर्ड के माध्यम से सुरक्षित किया जाता है।


सिक्योर ज़िप फाइलों की विशेषता होती है कि यह अपने आप को एन्क्रिप्ट कर सकती हैं, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति किसी भी रूप में ऐसी फ़ाइलों का उपयोग न कर सके। सिक्योर ज़िप फ़ाइलों को खोलने के लिए एक पासवर्ड की आवश्यकता होती है, जिसे केवल उन व्यक्तियों को सौंपा जा सकता है जो इसके उपयोग के लिए अधिकृत हैं।


कुछ सिक्योर ज़िप फ़ाइलें डेटा परिवर्तन की पहचान करने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर का भी उपयोग करती हैं, ताकि ज़िप फ़ाइलों में परिवर्तन की पहचान की जा सके। कुछ सिक्योर ज़िप फ़ाइलों का उपयोग करने के लिए विशेष प्रकार के सॉफ़्टवेयर की आवश्यकता होती है। इस तरह की ज़िप फ़ाइलों को महत्वपूर्ण और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है।


इन सुरक्षा उपायों का संयोजन करके, सिक्योर ज़िप फ़ाइलें उपयोगकर्ताओं के महत्वपूर्ण और गोपनीय डाटा को अधिक सुरक्षा नियंत्रण प्रदान कर सकती हैं।


स्प्लिट ज़िप फाइलें:

बहुत बड़ी फाइलों को स्प्लिट ज़िप फाइल के रूप में आसानी से उपयोग किया जा सकता है, ताकि इन्हे आसानी से इंटरनेट के माध्यम से अपलोड और डाउनलोड किया जा सके।


स्प्लिट ज़िप फाइलें निम्न प्रकार से काम करतीं हैं।


आकार के अनुसार विभाजन:

जब किसी फ़ाइल का आकार आवश्यक से अधिक होता है, तो ऐसी फ़ाइल को अलग -अलग भागों में विभाजित किया जाता है, ताकि प्रत्येक फाइल का आकर 10 मेगा बाईट हो सकता है।


फ़ाइल संख्या के अनुसार विभाजन:

निर्दिष्ट संख्या की फ़ाइलों में विभाजित करने के लिए एक सीमा निर्दिष्ट की जा सकती है, जैसे कि गोपनीयता को तीन फ़ाइलों में विभाजित किया जाता है।


कस्टम स्प्लिटिंग:

यदि आप चाहें, तो आप फ़ाइल को निर्दिष्ट शर्तों पर विभाजित करने के लिए एक कस्टम स्प्लिटिंग विकल्प का उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि प्रत्येक विभाजन में एक विशेष फ़ाइल को शामिल करना।





सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ज़िप फ़ाइलें:

सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ज़िप फाइलें, वास्तव में ज़िप आर्काइव होती हैं, जिन्हे खोलने के लिए किसी विशेष सॉफ्टवेयर अथवा एप्लीकेशन की जरुरत नहीं होती है। इस तरह की ज़िप फाइलें खुद में एक एक्सीक्यूटेबल फाइल कैरी करती हैं, जिसके कारण इन्हे ओपन करने पर ऑटोमेटेड प्रक्रिया के तहत ओपन हो जाती हैं।


सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ज़िप फाइलें कई तरह की जरूरतों में उपयोगी सिद्ध होती हैं, जैसे कि:


इंस्टॉलेशन फ़ाइलें:

सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ज़िप फाइलों का उपयोग सामान्यतः विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर की इंस्टॉलेशन फाइलों के लिए किया जाता है। ताकि यूजर आसानी से विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कर सके और उसका अपनी जरुरत के अनुसार उपयोग कर सके।


फ़ाइल डिस्ट्रीब्यूशन:

सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ज़िप फाइलों को शेयर करना काफी आसान होता है। क्योकि जब आप किसी व्यक्ति को सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ज़िप फाइल शेयर करते हैं, तो वह व्यक्ति बिना किसी विशेष सॉफ्टवेयर अथवा एप्लीकेशन का सहयोग लिए आपके इस फाइल को ओपन कर सकता है और इसको उपयोग में ले सकता है।


सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग आर्काइव्स:

इन्हें सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग आर्काइव कहा जाता है, जिन्हें आप सीधे बिना किसी अन्य सहायक प्रोग्राम के उपयोग किए खोल सकते हैं।


सेल्फ-एक्सट्रैक्टिंग ZIP फ़ाइलें अक्सर ".exe" या अन्य एक्सीक्यूटेबल फ़ॉर्मेट में होती हैं और एक्सीक्यूटेबल फ़ाइल के रूप में चलाई जाती हैं। जब आप इनके ऊपर डबल-क्लिक करते हैं, तब आपके द्वारा बताये गए स्थान पर खुद को खोलती हैं। इसके बाद आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।


इन्क्रिप्टेड ज़िप फाइलें:

इन्क्रिप्टेड ज़िप फाइलें, वास्तव में ज़िप आर्काइव होती है, जिसमे बहुत अधिक डाटा को सुरक्षित करने के लिए एनक्रिप्शन तकनीक का उपयोग किया जाता है। इन्क्रिप्टेड ज़िप फाइलों का उपयोग मात्र सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया जाता है, ताकि ऐसी फाइलों में उपलब्ध फाइल और डाटा का इस्तेमाल योग्य व्यक्तियों द्वारा ही किया जा सके।


इन्क्रिप्टेड ज़िप फाइलें, मुख्य रूप से दो प्रमुख प्रकार की एनक्रिप्शन तकनीक का उपयोग करती हैं:


सिमेट्रिक एनक्रिप्शन

इस तरह की फाइलों के लिए एक ही कुंजी (key) का उपयोग किया जाता है। जिसकी मदद से किसी डाटा को एनक्रिप्ट अथवा डिक्रिप्ट किया जा सकता है। कहने का अर्थ यह है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी किसी इंक्रिप्टेड ज़िप फ़ाइल को खोलना चाहता है, तो उसके पास इस फाइल को खोलने के लिए कुंजी (key) होना जरुरी होता है।


असिमेट्रिक एनक्रिप्शन:

इस तरह की फाइलों के लिए दो प्रकार की कुंजी (key) का उपयोग किया जाता है। एक कुंजी को सार्वजानिक कुंजी (Public Key) कहा जाता है, जिसकी मदद से डाटा को एनक्रिप्ट किया जा सकता है। दूसरी कुंजी को निजी कुंजी (Private Key) कहा जाता है और इसकी मदद से डाटा को डिक्रिप्ट किया जाता है।


कहने का अर्थ यह है कि इंक्रिप्टेड ज़िप फाइल को ओपन करने के लिए निजी कुंजी की आवश्यकता होती है। यह निजी कुंजी सिर्फ उसके पास होती है जिसने इसे एनक्रिप्ट किया है।


इस तरह से, इंक्रिप्टेड ज़िप फाइलों की मदद से किसी जानकारी और डाटा को अधिक सुरक्षित किया जा सकता है। इंक्रिप्टेड ज़िप फाइलों में संग्रहित डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा अधिक होती है।











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